ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान का पाँच सूत्रीय प्रस्ताव

इस समय होर्मुज स्ट्रेट के आंशिक रूप से बंद होने के कारण दुनियाँ ऊर्जा संकट का सामना कर रही है।

इसी बीच गुरुवार को अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि समझौते को लेकर गंभीर होने का समय तेजी से खत्म हो रहा है।

उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा है कि ईरान को तुरंत ठोस रुख अपनाना होगा, वरना हालात ऐसे हो सकते हैं जहां से वापसी संभव नहीं होगी।

लेकिन, ईरान की समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, तेहरान ने अमेरिका के 15 बिंदुओं वाले शांति प्रस्ताव के जवाब में अपनी ओर से पांच बिंदुओं की योजना पेश की है।

बताया जा रहा है कि यह जवाब मध्यस्थों के जरिए औपचारिक रूप से भेजा गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी संप्रभुता को मान्यता देने की मांग की है। साथ ही, उसने किसी भी समझौते में भविष्य में युद्ध न होने की गारंटी की बात भी कही है।

इसके अलावा, ईरान ने अपने शीर्ष नेताओं को निशाना बनाने की कार्रवाइयों को रोकने, “प्रतिरोध समूहों” को शांति प्रक्रिया में शामिल करने और हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग भी रखी है।

वहीं अमरीका प्रस्ताव में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलना शामिल है, इसके साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करना और उसके यूरेनियम भंडार को सौंपने की बात भी कही गयी है।

प्रस्ताव में बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और उसकी उत्पादन क्षमता को बंद करने की शर्त भी शामिल है।

ट्रंप ने बताया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो इस प्रक्रिया में शामिल हैं। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर भी बातचीत का हिस्सा हैं। हालांकि उन्होंने ईरानी प्रतिनिधियों की पहचान उजागर नहीं की है।

उन्होंने कहा है कि वह एक ऐसे व्यक्ति से बातचीत कर रहे हैं जिसे वह बेहद सम्मानित नेता मानते हैं। ट्रंप ने यह भी आशंका जताई है कि पहचान सार्वजनिक होने पर उनकी जान को खतरा हो सकता है।

इससे पहले एक कैबिनेट बैठक में उन्होंने कहा है कि यदि दोनों पक्ष उचित समझौते पर पहुंचते हैं तो होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोला जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक जीवाश्म ईंधन आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत इसी रास्ते से गुजरता है। इस कारण इसे खुला रखना अमरीका और अन्य प्रभावित देशों की शीर्ष प्राथमिकता बन चुका है।

हालाँकि ट्रंप का प्रस्ताव बिलकुल भी नैतिक नजर नहीं आता है लेकिन देखना है कि आने वाले दिनों में क्या होता है।

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