अलीगढ़,3 सितंबर 2025: थाना हरदुआगंज क्षेत्र के अंतर्गत बरौठा गांव की गोशाला में गोवंश की बदहाल स्थिति ने स्थानीय गोसेवकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद के असीम शर्मा, गोसेवक आशा सिसौदिया, राकेश सोलंकी, पंडित विवेकशिवानंद महाराज और अंकित सैनी सहित कई कार्यकर्ताओं ने थाने का रुख किया और गोशाला की लापरवाही के लिए जिम्मेदार ग्राम प्रधान तथा पशु चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
गोशाला में बदहाली का मंजर
गोसेवकों ने बताया कि गोशाला में पहुंचने पर उन्हें एक दिल दहला देने वाला दृश्य देखने को मिला। कई गोवंश कीचड़ में फंसे हुए थे और मरणासन्न अवस्था में पाए गए। गोशाला में गोबर की मोटी परत जमी थी, जिसके कारण गोवंश को न तो बैठने की जगह थी और न ही स्वच्छ वातावरण। भूसा और चारा पूरी तरह सड़ा हुआ था, जिससे पशुओं के लिए भोजन की कोई व्यवस्था नहीं थी।
स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हुए गोसेवकों ने बताया कि एक गाय मृत अवस्था में मिली, जिसके जीवित बछड़े को आवारा कुत्ते नोंच रहे थे। गाय का पिछला हिस्सा गायब था, जो पशुओं के प्रति क्रूरता और लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण है।
जिम्मेदारों की अनुपस्थिति
गोसेवकों ने ग्राम प्रधान से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें बताया गया कि वह गांव से बाहर हैं। गोशाला में कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौजूद नहीं था, और पशु चिकित्सकों की नियमित जांच भी नहीं हो रही थी। गोसेवकों ने इसे पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत गंभीर उल्लंघन करार दिया।
गोसेवकों की मांग
गोसेवकों ने थाने में तहरीर देकर ग्राम प्रधान और संबंधित पशु चिकित्सकों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने गोशाला की स्थिति को सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाने और दोषियों को कठोर दंड देने की अपील की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि गोशाला के रखरखाव और प्रबंधन के लिए एक निगरानी समिति का गठन किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।
स्थानीय समुदाय में आक्रोश
बरौठा गांव के निवासियों और गोसेवकों का कहना है कि यह घटना केवल गोशाला की बदहाली को ही नहीं दर्शाती, बल्कि स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत की उदासीनता को भी उजागर करती है। गोसेवक आशा सिसौदिया ने कहा, “गाय हमारी संस्कृति और आस्था का प्रतीक है, लेकिन इस तरह की लापरवाही हमारी मूल भावनाओं पर चोट है। हम चाहते हैं कि दोषियों को तुरंत सजा मिले और गोवंश की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।”
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
थाना हरदुआगंज पुलिस ने गोसेवकों की तहरीर स्वीकार कर ली है और मामले की जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है। स्थानीय लोग और गोसेवक इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता और पारदर्शिता दिखाता है।
यह घटना न केवल बरौठा गोशाला की स्थिति को उजागर करती है, बल्कि पूरे क्षेत्र में गोवंश संरक्षण और गोशाला प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है। गोसेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे इस मुद्दे को और बड़े स्तर पर उठाएंगे।
