कबरई: हमीरपुर जिले में हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। एक विवाहित महिला का अपने ही प्रेमी, जो स्थानीय थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर था, द्वारा बेरहमी से कत्ल कर दिया जाना और शव को नग्न अवस्था में खेत में फेंक देना – यह मामला न केवल आपसी रिश्तों की जटिलता को उजागर करता है, बल्कि कानून के रखवाले के अंदर छिपे खतरनाक मनोवृत्ति को भी सामने लाता है।
वैवाहिक कलह से शुरू मुलाकात
महोबा जिले के कबरई थाना क्षेत्र की निवासी किरण देवी की शादी सीआरपीएफ जवान विनोद सिंह से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही दांपत्य जीवन में तनाव बढ़ने लगा। आए दिन झगड़े होने लगे। अंततः किरण ने पति और ससुराल वालों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज करा दिया। इसी केस की जांच के लिए कबरई थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर अंकित यादव को जिम्मेदारी सौंपी गई। जांच के दौरान किरण का थाने आना-जाना शुरू हुआ और यहीं से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं।
दो साल चला रिश्ता
धीरे-धीरे यह संपर्क गहरे संबंध में बदल गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि किरण और अंकित यादव के बीच करीब दो वर्षों तक अवैध संबंध रहे। किरण अपने पति से अलगाव की स्थिति में थी और उसने अंकित को अपना भावी जीवनसाथी मान लिया था। वह शादी के लिए लगातार दबाव बनाने लगी। शुरू में अंकित ने टालमटोल की, लेकिन जब दबाव असहनीय हो गया तो उसने किरण को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का निर्णय ले लिया।
आखिरी मुलाकात
12 नवंबर को अंकित ने एक परिचित से कार उधार ली और किरण को घुमाने के बहाने बुलाया। किरण बिना किसी शक के उसके साथ चली गई। रास्ते में कार के अंदर ही अंकित ने कथित तौर पर उत्तेजक दवाएं लेकर कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसी दौरान किसी बात पर दोनों में तीखी बहस हुई। विवाद बढ़ा तो अंकित किरण को एक सुनसान खेत में ले गया और वहां लोहे की रॉड से उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद
हत्या करने के बाद अंकित ने किरण के कपड़े उतार दिए और शव को नग्न अवस्था में खेत में फेंक कर भाग निकला। उसका इरादा स्पष्ट था – मामला बलात्कार के बाद हत्या का दिखे ताकि असली वजह छिप जाए। लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उसके सारे प्लान पर पानी फेर दिया।
तकनीकी सबूतों से खुली पोल
मृतका की शिनाख्त होते ही पुलिस ने सर्विलांस, सीडीआर, लोकेशन डेटा और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तेजी से छानबीन शुरू की। घटना में इस्तेमाल कार, हत्या का औजार (लोहे की रॉड), दोनों के बीच हुई चैट और कॉल डिटेल्स सभी बरामद कर लिए गए। इन अकाट्य सबूतों के आधार पर सब-इंस्पेक्टर अंकित यादव को गिरफ्तार कर लिया गया और उसे जेल भेज दिया गया।
यह मामला न केवल एक महिला की जिंदगी का दुखद अंत दर्शाता है, बल्कि यह भी चेतावनी देता है कि कभी-कभी जो व्यक्ति हमारी सुरक्षा का दायित्व निभाता दिखता है, वही सबसे बड़ा खतरा बन सकता है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच जारी रखे हुए है।
