उत्तर प्रदेश में चल रही विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया, जो चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची की सफाई के लिए आरंभ की गई है, ने हाल के दिनों में राजनीतिक विवादों और मानवीय संकटों को जन्म दिया है।
यह प्रक्रिया 12 राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक चल रही है, जिसका उद्देश्य पुरानी मतदाता सूचियों (विशेष रूप से 2003 की) से डेटा का मिलान कर फर्जी वोटों को हटाना है।
हालांकि, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि क्षेत्रीय स्तर पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और अन्य कर्मचारियों की मौतों तथा इस्तीफों ने प्रक्रिया की कार्यान्वयन पर सवाल उठाए हैं।
अखिलेश यादव का बयान
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 22 नवंबर 2025 को लखनऊ में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि भाजपा सरकार, चुनाव आयोग और प्रशासनिक अधिकारी मिलकर उत्तर प्रदेश में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 50,000 से अधिक वोट काटने की साजिश रच रहे हैं।
उन्होंने कहा, “2024 लोकसभा चुनाव में सपा और इंडिया गठबंधन की जीत वाली सीटों पर यह लक्षित कार्रवाई हो रही है। बिहार चुनाव में इसी SIR के जरिए 60 लाख वोट काटे गए थे, और अब यूपी में 3 करोड़ वोटों को निशाना बनाया जा रहा है।”
यादव ने SIR की समय सीमा तीन माह बढ़ाने की मांग की, ताकि विवाह सीजन के दौरान होने वाली असुविधा और BLOs द्वारा दलित-मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में फॉर्म वितरण न करने की शिकायतें दूर हो सकें। उन्होंने चुनाव आयोग से पारदर्शी SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी करने की भी अपील की।
भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे “चुनावी हार का बहाना” बताया। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “अखिलेश यादव हार के डर से मतदाताओं को भ्रमित कर रहे हैं। SIR फर्जी वोटों को हटाने का जरूरी कदम है, न कि साजिश।”
यादव ने एक पत्र में चुनाव आयोग को SIR में अनियमितताओं—जैसे डुप्लिकेट सूचियां, BLOs की अपर्याप्त ट्रेनिंग और फॉर्म वितरण में बाधा—का हवाला देते हुए विस्तार की मांग दोहराई।
गम और इस्तीफो की लहर
SIR प्रक्रिया के तहत BLOs (जिनमें अधिकांश शिक्षक, लेखपाल और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं) को प्रति BLO 1,000 मतदाताओं के घर-घर जाकर फॉर्म वितरण, सत्यापन और ऐप के माध्यम से डेटा फीडिंग का कार्य सौंपा गया है। यह अतिरिक्त भार उनके नियमित कर्तव्यों के साथ टकरा रहा है, जिससे मानसिक और शारीरिक तनाव बढ़ा है। चुनाव आयोग ने BLOs की वार्षिक भत्ते को 12,000 रुपये और SIR प्रोत्साहन को 2,000 रुपये तक बढ़ाया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह अपर्याप्त है।
उत्तर प्रदेश में SIR ड्यूटी के दौरान चार मौतें दर्ज की गई हैं, जो दबाव का संकेत देती हैं।
- बरेली: 26 नवंबर 2025 को BLO सर्वेश कुमार गंगवार (45 वर्ष) को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मौत हो गई। परिवार ने अत्यधिक कार्यभार और मानसिक तनाव का आरोप लगाया।
- गोंडा: 25 नवंबर 2025 को सहायक शिक्षक विपिन यादव (35 वर्ष) ने जहर खाकर आत्महत्या की। एक वायरल वीडियो में उन्होंने SDM, BDO और लेखपाल द्वारा दबाव का जिक्र किया। डीएम प्रियंका निरंजन ने जांच समिति गठित की है, लेकिन परिवार ने प्रशासनिक दबाव को मौत का कारण बताया। सपा जिला अध्यक्ष ने शवयात्रा में कंधा दिया।
- फतेहपुर: 25 नवंबर 2025 को लेखपाल सुधीर कुमार (28 वर्ष) ने शादी से एक दिन पहले आत्महत्या की। बहन अमृता सिंह की शिकायत पर कानूनगो शिवराम के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज हुआ। परिवार का दावा है कि छुट्टी न मिलने और निलंबन की धमकी से तनाव बढ़ा। लेखपाल संघ ने 30 घंटे शव न उठाने का विरोध किया।
- एक अन्य मामला: एक शिक्षामित्र की ब्रेन हेमरेज से मौत और एक शिक्षक की आत्महत्या भी SIR से जुड़ी बताई जा रही है।
राष्ट्रीय स्तर पर, तीन सप्ताह में 16 BLO मौतें (हार्ट अटैक, तनाव, आत्महत्या) दर्ज हुई हैं, जिसके बाद इंडिया गठबंधन ने प्रक्रिया रोकने की मांग की है।
इस्तीफे का सिलसिला
नोएडा में दो महिला शिक्षकों ने SIR दबाव का हवाला देकर इस्तीफा दिया। पिंकी सिंह ने पत्र में लिखा, “20 वर्षों से पढ़ा रही हूं, लेकिन हाल की परिस्थितियां असहनीय हैं। थायरॉइड और पारिवारिक दबाव के साथ BLO कार्य संभव नहीं।” एक अन्य शिक्षामित्र ने अधिकारियों द्वारा जबरन कार्य कराने का आरोप लगाया। गौतम बुद्ध नगर में 60 BLOs और 7 पर्यवेक्षकों के खिलाफ लापरवाही के लिए FIR दर्ज हुई।
प्रशासनिक कार्रवाई
प्रयागराज के डीएम मनीष वर्मा ने SIR में लापरवाही बरतने पर 40 BLOs का वेतन रोक दिया। इसी प्रकार, बदायूं में 106 BLOs के वेतन रोके गए और FIR की धमकी दी गई।
SIR प्रक्रिया लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है, लेकिन इसका क्रियान्वयन BLOs पर अनावश्यक बोझ डाल रहा है। राजनीतिक दलों के आरोपों के बीच, चुनाव आयोग को समय विस्तार, बेहतर ट्रेनिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने की आवश्यकता है। सुप्रीम कोर्ट में SIR के खिलाफ याचिकाएं लंबित हैं, जो प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठा रही हैं।
| घटना | स्थान | विवरण | तिथि |
|---|---|---|---|
| BLO सर्वेश गंगवार की मौत | बरेली | हार्ट अटैक | 26 नवंबर 2025 |
| विपिन यादव की आत्महत्या | गोंडा | जहर, दबाव का आरोप | 25 नवंबर 2025 |
| सुधीर कुमार की आत्महत्या | फतेहपुर | फांसी, छुट्टी न मिलना | 25 नवंबर 2025 |
| पिंकी सिंह का इस्तीफा | नोएडा | कार्यभार एवं स्वास्थ्य | 24 नवंबर 2025 |
| 40 BLOs का वेतन रोका | प्रयागराज | लापरवाही | 25 नवंबर 2025 |
ये घटनाएं SIR को एक आवश्यक सुधार से अधिक एक मानवीय संकट में बदल रही हैं। सभी पक्षों को संवाद की आवश्यकता है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।
