स्वस्थ जीवन के लिए गहरी नींद एक अनमोल तोहफा है। यह न केवल शरीर को ऊर्जा देती है, बल्कि दिमाग को भी शांति प्रदान करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अपर्याप्त नींद कई गंभीर बीमारियों का न्योता दे सकती है।
अनिद्रा की समस्या आजकल आम हो गई है। तनाव और चिंताएं दिमाग को उत्तेजित रखती हैं, जिससे सोना मुश्किल हो जाता है। कैफीन युक्त पेय जैसे चाय-कॉफी या धूम्रपान भी नींद चुरा लेते हैं।
क्रॉनिक रोग जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय समस्याएं नींद को बाधित करती हैं। मानसिक विकारों से जूझ रहे लोगों में यह समस्या और गंभीर रूप ले लेती है। लंबे समय तक नींद की कमी स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।
स्क्रीन टाइम भी बड़ा दोषी है। मोबाइल और लैपटॉप की नीली रोशनी मेलाटोनिन हार्मोन को दबाती है, जो नींद का प्राकृतिक नियंत्रक है। रात में इनका ज्यादा उपयोग अनिद्रा को बढ़ावा देता है।
नींद सुधारने के लिए नियमित दिनचर्या अपनाएं। रोज एक ही समय पर सोएं-उठें, ताकि शरीर का आंतरिक घड़ी संतुलित रहे। इससे नींद की क्वालिटी तेजी से बेहतर होती है।
बेडरूम को आदर्श बनाएं। इसे अंधेरा, शांत और ठंडा रखें। ऐसा वातावरण गहरी नींद के लिए परफेक्ट सेटअप तैयार करता है।
सोने से पहले स्क्रीन्स से दूरी बनाएं। कम से कम 1-2 घंटे पहले मोबाइल बंद कर दें। अगर जरूरी हो, तो डॉक्टर से मेलाटोनिन सप्लीमेंट की सलाह लें।
मानसिक तनाव अनिद्रा का बड़ा कारण है। अवसाद या चिंता के मामले में मनोचिकित्सक से संपर्क करें। पेशेवर मदद से समस्या जड़ से हल हो सकती है।
व्यायाम नींद का सबसे अच्छा साथी है। दिन में रेगुलर एक्टिविटी से शरीर थकता है और सोना आसान हो जाता है। लेकिन रात के करीब वर्कआउट से बचें, वरना उत्तेजना बढ़ सकती है।
रिलैक्सेशन तकनीक अपनाएं। ध्यान, डीप ब्रीदिंग या योग से तनाव कम होता है। ये तरीके सोने से ठीक पहले अपनाने पर चमत्कारिक असर दिखाते हैं।
Disclaimer: यह जानकारी चिकित्सा अध्ययनों और रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
