रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है, जहां ग्रामीणों ने चोरी की आशंका में एक निर्दोष दलित युवक को बुरी तरह पीट-पीटकर उसकी जान ले ली। पुलिस ने सोमवार को इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक हरिओम, जो फतेहपुर जिले के निवासी थे, अपनी पत्नी से मिलने के लिए रायबरेली पहुंचे थे। बुधवार रात को ऊंचाहार थाना क्षेत्र के जमुनापुर चौराहे के निकट उन्हें संदिग्ध समझा गया और पूछताछ के दौरान जब वे स्पष्ट उत्तर नहीं दे पाए, तो उग्र भीड़ ने उन्हें ड्रोन का उपयोग कर चोरी करने वाले के रूप में पहचान लिया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, हाल ही में क्षेत्र के कई गांवों में चोरों द्वारा निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल होने की अफवाहें फैली हुई थीं, जिसके चलते ग्रामीण रात के समय सतर्क होकर गश्त कर रहे थे। इस संदर्भ में 40 वर्षीय हरिओम को घेर लिया गया और कथित तौर पर बेरहमी से हमला किया गया। पीड़ित ने बचाव में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिया, लेकिन हमलावरों ने कहा कि, “यहाँ सब बाबा वाले हैं “, और हमलावरों ने मारपीट और तेज कर दी, जिसके फलस्वरूप कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। परिवार का दावा है कि घटनास्थल पर पुलिसकर्मी मौजूद थे, जो उन्हें थाने ले जाकर बचा सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस हत्याकांड के पांच आरोपी—ईश्वरदास पुर के वैभव सिंह, डाड़ेपुर के विपिन मौर्य, बाहरपुर गांव के विजय मौर्य, सहदेव और सुरेश कुमार—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। साथ ही, लापरवाही बरतने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर आक्रोश पैदा किया, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी बहस छेड़ दी है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मृतक के परिवार से फोन पर संपर्क कर उनकी पीड़ा को समझा और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सोमवार सुबह परिवार का दौरा किया और उनके दुख में शरीक हुए। अजय राय ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि यह अत्यंत गरीब परिवार है, जहां हरिओम जैसे युवक पर इस तरह का अत्याचार असहनीय है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अपराधों की बाढ़ आ गई है—कोई जिला इससे अछूता नहीं रहा। बनारस से लेकर फतेहपुर तक ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जहां दलित और गरीब वर्ग पर हमले हो रहे हैं। अजय राय ने इसे “जंगलराज” करार देते हुए कहा कि सत्ताधारी तत्वों द्वारा गुंडागर्दी और अन्याय को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो समाज के कमजोर तबकों के लिए खतरा बन गया है।
यह घटना दलित उत्पीड़न और अफवाहों पर आधारित हिंसा के गंभीर मुद्दे को उजागर करती है, जिस पर तत्काल नीतिगत सुधारों की आवश्यकता है। पुलिस जांच जारी है, और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रयास तेज हो गए हैं।
