अलीगढ़: अलीगढ़ शहर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री पर लगाम लगाने के दावों के बावजूद एक और दुखद हादसा हो गया है। मंगलवार की शाम क्वार्सी क्षेत्र के मौलाना आजाद नगर निवासी सलमान नामक युवक की जान इस खतरनाक मांझे ने ले ली। सलमान अपने बड़े भाई वसीम की जमालपुर स्थित मीट दुकान पर काम करने के लिए निकले थे, जहां वे रोजाना सहयोग करते हैं।
घर पर दोपहर का भोजन करने के बाद सलमान ने स्कूटर स्टार्ट किया और शाम करीब चार बजे दुकान की ओर प्रस्थान किया। जमालपुर पुल को पार करते हुए अचानक कटी हुई पतंग का चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में उलझ गया। युवक ने तुरंत स्कूटर रोका और मांझा निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक यह उनकी त्वचा में गहराई तक धंस चुका था। उंगलियां भी कट गईं, फिर भी मांझा न निकला। परिणामस्वरूप सलमान स्कूटर समेत सड़क पर लुढ़क पड़े और उनकी गर्दन से खून की धार बहने लगी।
राहगीरों ने जैसे-तैसे युवक को संभाला, लेकिन गर्दन में फंसा मांझा देखकर सब सन्न रह गए। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने गंभीर रूप से घायल सलमान को अलिगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उनकी गहन जांच के बाद मृत घोषणा कर दी। आधी गर्दन कट जाने के कारण बचाव की कोई गुंजाइश नहीं बची थी।
इस घटना ने सलमान के परिजनों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। परिवार के सदस्य प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, क्योंकि शहर में चाइनीज मांझे से जुड़े हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। बिना किसी सख्त कार्रवाई के ये खतरनाक सामग्री बाजारों में आसानी से उपलब्ध हो रही है, जो लोगों की जान जोखिम में डाल रही है।
जिला प्रशासन की ओर से एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घोषणाओं से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर निगरानी मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां टल सकें।
अलीगढ़ में चाइनीज मांझे से होने वाले हादसों की यह घटना एक चेतावनी है। पतंगबाजी के मौसम में सतर्क रहना और प्रतिबंधित सामग्री से दूर रहना सभी के लिए जरूरी है।
