बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के दोघट क्षेत्र के गांगनौली गांव में स्थित प्रमुख मस्जिद के परिसर में एक भयावह घटना ने समस्त समुदाय को सदमे में डाल दिया है। यहां मुफ्ती इब्राहिम के आवास पर उनकी पत्नी इसराना तथा दो पुत्रियां, सोफिया और सुमाइया, की क्रूरता से हत्या कर दी गई।
स्थानीय पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में दो नाबालिग संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है, जिन्होंने गहन पूछताछ के दौरान अपराध के पीछे की हैरान करने वाली वजह का खुलासा किया है। वर्तमान में, अधिकारी घटनास्थल पर विस्तृत जांच कर रहे हैं, ताकि सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके।
घटना शनिवार दोपहर को उजागर हुई, जब मस्जिद की पहली मंजिल पर स्थित मुफ्ती परिवार के रहने वाले कमरे का दृश्य अत्यंत भयानक था। कमरे में प्रवेश करने पर पाया गया कि इसराना का शव बिस्तर से आंशिक रूप से लटका हुआ था, जबकि उनकी दोनों बेटियां चारपाई पर रक्तरंजित अवस्था में पड़ी हुई थीं।
प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि धारदार अस्त्र से किए गए आघातों ने इन हत्याओं को अंजाम दिया, जिसमें एक के गले पर गहरा घाव तथा दूसरी के सिर पर गंभीर चोटें शामिल हैं। इस दृश्य ने न केवल परिवार को, बल्कि पूरे गांव को गहन आघात पहुंचाया है।
इसराना, जो स्वयं आलिमा की शिक्षा प्राप्त कर चुकी थीं, आसपास के परिवारों की बालिकाओं को धार्मिक ज्ञान प्रदान करने का कार्य करती रहती थीं। इसी क्रम में, शनिवार को लगभग ढाई बजे छह पड़ोसी बालिकाएं उनकी कक्षाओं के लिए पहुंचीं। हालांकि, सीढ़ियों का मुख्य द्वार अंदर से बंद होने के कारण वे सीधे कमरे तक नहीं पहुंच सकीं।
बालिकाओं ने वैकल्पिक मार्ग अपनाते हुए छत पर चढ़ाई की, दीवार पार की तथा द्वार खोलकर अंदर प्रवेश किया। छत और द्वार पर बिखरे रक्त के धब्बों को देखकर उन्होंने प्रारंभ में सोचा कि शायद कोई घायल प्राणी, जैसे बंदर, वहां फंस गया हो। लेकिन कमरे में पहुंचते ही मां-बेटियों के रक्तरक्त शवों का सामना होने पर वे भयभीत हो गईं और चीखते हुए बाहर दौड़ पड़ीं, जिससे आसपास के निवासियों को घटना की सूचना मिल गई।
घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्रित हो गए तथा तत्काल पुलिस को सूचित किया। प्राथमिक निरीक्षण में पुष्टि हुई कि तीनों शवों पर गहन आघात के निशान थे, जो हिंसक संघर्ष की ओर इशारा करते हैं।
पुलिस ने नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लेकर उनकी पूछताछ आरंभ कर दी है, जिसमें अपराध के प्रेरक कारक के रूप में एक अप्रत्याशित कारण सामने आया है। बागपत पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित साक्ष्यों का संग्रह कर रही है, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके। यह घटना स्थानीय समुदाय में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ावा दे रही है, विशेषकर धार्मिक स्थलों पर।
