बिहार : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी और जनता दल (यूनाइटेड) 100 से 105 सीटों पर चुनाव लड़ने पर सहमत हो चुके हैं, लेकिन अंतिम समझौता अभी बाकी है। वजह है जेडीयू की यह मांग कि उसे बीजेपी से कम से कम एक सीट अधिक मिले।
जानकारी के मुताबिक, इस पर अंतिम बातचीत अगले हफ्ते दिल्ली में होगी, जब एनडीए सांसद उपराष्ट्रपति चुनाव से जुड़े प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे। इस दौरान बीजेपी नेतृत्व सहयोगियों के साथ कई अन्य कार्यक्रम भी करेगा। एक बीजेपी नेता ने कहा, “जेडीयू चाहती है कि उसे बीजेपी से एक सीट ज्यादा मिले, ताकि नीतीश कुमार की लोकप्रियता और नेतृत्व पर भरोसा मजबूत दिखे।”
जेडीयू के नेताओं का कहना है कि लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लड़े गए थे और उस समय बीजेपी ने 17 जबकि जेडीयू ने 16 सीटों पर चुनाव लड़ा। अब विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में हो रहे हैं, इसलिए पार्टी को एक सीट ज्यादा मिलनी चाहिए।
इस बीच, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने 40 सीटों की मांग कर रखी है। पार्टी का तर्क है कि उसके पास 5 सांसद हैं, लेकिन बीजेपी और जेडीयू उसे अधिकतम 20 सीटें देने के पक्ष में हैं। एनडीए के अन्य सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी को सीटें बाद में तय होंगी।
गौरतलब है कि 2020 चुनाव में बीजेपी ने 74 और जेडीयू ने 43 सीटें जीती थीं। तब बीजेपी मजबूत सहयोगी बनकर उभरी थी। इस बार केंद्रीय नेतृत्व ने साफ संकेत दिए हैं कि एनडीए को एकजुट रहकर जनता के सामने जाना होगा और इसके लिए संयुक्त कार्यकर्ता सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे।
