30.6 C
Aligarh
Wednesday, February 25, 2026

नेपाल में हिंसक आंदोलनों का असर

काठमांडू: नेपाल की राजधानी काठमांडू सहित विभिन्न शहरों में इंटरनेट सेवाओं और ऐप्स पर प्रतिबंध के विरोध में भड़के हिंसक आंदोलनों ने स्थिति को और गंभीर कर दिया है। मंगलवार को जेन जेड के नेतृत्व में युवाओं ने सड़कों पर उतरकर हिंसक प्रदर्शन किए, जिसके चलते कई स्थानों पर आगजनी की घटनाएं सामने आईं। सबसे अधिक प्रभावित काठमांडू रहा, जहां रुक-रुककर हिंसा और अशांति का माहौल बना रहा। इस दौरान स्थानीय बाजार बंद रहे, जिससे व्यापारिक परिवारों में अपने प्रतिष्ठानों और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।

काठमांडू में व्यापारिक परिवारों की स्थिति

काठमांडू के भोटेवाल क्षेत्र में ताला-हार्डवेयर के थोक व्यापार से जुड़े दो प्रमुख भारतीय परिवार इस हिंसा के बीच खौफ में हैं। इनमें से एक परिवार, राकेश गुप्ता और देवेंद्र गुप्ता का, जो 1985 से देवांशी एंटरप्राइजेज के नाम से शोरूम चला रहा है, पूरी तरह अपने आवास में कैद हो गया। राकेश गुप्ता की पत्नी का निधन हो चुका है और उनके कोई संतान नहीं है, जबकि देवेंद्र गुप्ता अपनी पत्नी चित्रा, बेटी प्रियांशु, और बेटे देवांशु के साथ रहते हैं। परिवार ने बताया कि सोमवार को इंटरनेट सेवाएं बंद होने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आगजनी की घटनाओं में इंटरनेट लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से दोपहर बाद एक परिवार से संपर्क टूट गया, हालांकि रात आठ बजे तक दूसरा परिवार सुरक्षित था।

दूसरा परिवार, दिनेश कुमार गुप्ता का, भी गहरी चिंता में है। उनके पुत्र गौरव शंकर 2008 से काठमांडू में न्यू विधि ट्रेड कंसल के नाम से ताला-हार्डवेयर का थोक व्यापार संचालित कर रहे हैं। उनके भाई विवेक गुप्ता, जो भारत में रहते हैं, ने बताया कि नेपाल में व्यापार की स्थिति पहले से ही खराब है। उधारी में माल देने और बाजार में रकम फंसने की समस्या आम है, लेकिन हाल की हिंसा ने उनकी चिंताओं को और बढ़ा दिया है। रात आठ बजे तक स्वजनों से संपर्क होने की जानकारी मिली, और सभी सुरक्षित हैं।

हिंसा की पृष्ठभूमि

पिछले कुछ महीनों से नेपाल में नागरिक, राजशाही समर्थक, और सरकार विरोधी समूहों द्वारा समय-समय पर प्रदर्शन और धरने आयोजित किए जा रहे थे। हालांकि, सोमवार को इंटरनेट और ऐप्स पर प्रतिबंध लगने के बाद जेन जेड के युवाओं ने सड़कों पर उतरकर हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिए। कुछ कम्युनिस्ट विचारधारा वाले समूहों में भारत विरोधी भावनाओं ने भी स्थिति को और जटिल बना दिया। इस अशांति ने स्थानीय और भारतीय व्यापारियों को डर के साये में जीने को मजबूर कर दिया है।

भारतीय व्यापारियों की चिंता और समाधान के प्रयास

इंडो-नेपाल एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के महासचिव प्रदीप चौधरी ने बताया कि उनकी टीम जल्द ही नेपाल का दौरा करेगी। वे प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे भारतीय परिवारों से संपर्क करेंगे, उन्हें धैर्य रखने का आश्वासन देंगे, और सहानुभूति जताएंगे। इसके अतिरिक्त, भारतीय सीमा पर फंसे ट्रकों और माल की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सरकार के अधिकारियों से सहयोग मांगा जाएगा। भारतीय दूतावास ने भी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि नेपाल में रह रहे भारतीय नागरिक किसी भी आपात स्थिति में सहायता प्राप्त कर सकें।

नेपाल में चल रहे हिंसक आंदोलनों ने न केवल स्थानीय नागरिकों बल्कि वहां व्यापार कर रहे भारतीय परिवारों को भी प्रभावित किया है। काठमांडू में अशांति और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, जिसके चलते व्यापारिक गतिविधियां ठप हो गई हैं। भारतीय दूतावास और व्यापारी संगठनों के प्रयासों से स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन प्रभावित परिवारों में अभी भी अनहोनी का डर बना हुआ है।

Today's Top