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Wednesday, February 25, 2026

जी0एस0टी0 दरों में बड़ी कटौती

भारत सरकार ने घरेलू मांग को बढ़ावा देने और उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से सैकड़ों उपभोक्ता वस्तुओं पर करों में कटौती का ऐलान किया है। इनमें साबुन, टूथपेस्ट, शैम्पू जैसे रोज़मर्रा के सामान से लेकर छोटे कारें, टीवी और एयर कंडीशनर तक शामिल हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जानकारी दी कि जीएसटी काउंसिल ने मौजूदा चार स्लैब्स को घटाकर केवल दो दरों—5% और 18%—में बदलने का निर्णय लिया है। कुछ उत्पादों पर टैक्स को आधा कर दिया गया है। उदाहरण के लिए, टूथपेस्ट और शैम्पू पर अब सिर्फ 5% कर लगेगा, जबकि छोटे कार, एसी और टीवी पर जीएसटी को 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।

नई व्यवस्था के तहत बीमा प्रीमियम, चाहे जीवन बीमा हो या स्वास्थ्य बीमा, अब पूरी तरह टैक्स फ्री रहेगा।

उत्सव से पहले राहत, सरकार को होगा राजस्व घाटा

यह बदलाव 22 सितंबर से लागू होंगे, यानी नवरात्रि के पहले दिन से। अनुमान है कि केंद्र और राज्य सरकारों को लगभग 48 हज़ार करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा। हालांकि, अर्थशास्त्रियों का मानना है कि जीएसटी में यह कटौती उपभोग को तेज़ी से बढ़ाएगी और राजस्व की भरपाई आसानी से हो जाएगी।

एसबीआई के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने कहा, “जीएसटी दरों में तर्कसंगत कटौती से उपभोग बढ़ेगा और राजकोषीय घाटे पर इसका असर नगण्य या सकारात्मक ही होगा।”

लग्ज़री और ‘सिन’ उत्पादों पर 40% टैक्स बरकरार

वहीं, सिगरेट, 1500 सीसी से बड़े इंजन वाली गाड़ियां और कोल्ड ड्रिंक जैसी “सुपर लग्ज़री” व “सिन” उत्पादों पर 40% कर जारी रहेगा।

कंपनियों और उद्योगों को मिलेगी बड़ी राहत

इस फैसले से एफएमसीजी कंपनियों जैसे हिंदुस्तान यूनिलीवर, गोदरेज इंडस्ट्रीज़ के साथ-साथ उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनियां—सैमसंग, एलजी और सोनी—को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। वहीं, कार निर्माता कंपनियां जैसे मारुति, टोयोटा और सुजुकी भी इस राहत के प्रमुख लाभार्थी होंगे।

प्रधान मंत्री का आत्मनिर्भर भारत पर ज़ोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर कटौती को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह कदम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने और छोटे व्यापारियों के लिए कारोबार करना सरल बनाने की दिशा में अहम साबित होगा। उन्होंने दोहराया कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सरकार ने वादा किया था कि अक्टूबर तक जीएसटी में कमी की जाएगी, ताकि अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% तक के टैरिफ़ का असर कम किया जा सके।

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