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Wednesday, February 25, 2026

यूपी में नकली पशु सीमेन का बड़ा घोटाला, अलीगढ़ से शुरू हुई जांच

अलीगढ़: उत्तर प्रदेश में पहली बार नकली पशु सीमेन की सप्लाई का मामला सामने आया है। अलीगढ़ में एक कंपनी की शिकायत के बाद पुलिस और पशुपालन विभाग ने जांच शुरू कर दी है। कंपनी ने सबूत जुटाए कि उसके ही नाम से बाजार में नकली सीमेन बेचा जा रहा है। इस मामले में थाना गोधा में एफआईआर दर्ज कराई गई है और अब पुलिस इस पूरे रैकेट के पीछे जुड़े लोगों की तलाश कर रही है।

कंपनी ने खुलासा किया कि बदायूं, अलीगढ़ और बुलंदशहर जैसे जिलों में उनके ब्रांड सुपीरियर एनिमल जेनेटिक्स की डुप्लीकेट ट्यूब बेची जा रही हैं। जांच के दौरान पता चला कि सीमेन ट्यूब पर लगे यूनिक कोड और फ्लोरोसेंट मार्किंग नकली पैक में नहीं थे।

सबसे बड़ा सुराग तब मिला जब बुलंदशहर के नारायणपुर गांव में एक कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन मुनेश प्रताप सिंह के पास नकली सीमेन पाया गया। हालांकि मुनेश को यह जानकारी नहीं थी कि वह असली नहीं है। उसने लिखित बयान में बताया कि उसने यह डोज अलीगढ़ के मैमडी गांव के रिंकू सिंह से खरीदा। बाद में रिंकू ने भी थाने में लिखित बयान दिया।

पशुधन विकास परिषद के एक दस्तावेज में यह भी स्वीकार किया गया है कि करीब 50% सीमेन की आपूर्ति गैर-मान्यता प्राप्त स्रोतों से होती है, जिससे किसानों और पशुधन को बड़ा नुकसान हो सकता है।

गौरतलब है कि पशु सीमेन का इस्तेमाल कृत्रिम गर्भाधान के लिए किया जाता है, जिससे पशुधन की नस्ल सुधार और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है। केंद्र और राज्य सरकारें इस प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए मुफ्त अभियानों तक चला रही हैं। नकली उत्पाद के बाजार में आने से इस योजना पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

पशुपालन विभाग के निदेशक रोग नियंत्रण, डॉ. राजीव कुमार सक्सेना ने कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से रिपोर्ट मांगी गई है कि वे जिस सीमेन का उपयोग कर रहे हैं उसका स्रोत प्रमाणित है या नहीं। साथ ही नकली सीमेन के नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी गई है।

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