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Wednesday, February 25, 2026

भारत-पाकिस्तान एशिया कप 2025 फाइनल: क्रिकेट को राजनीति से मुक्त रखने की अपील

संयुक्त अरब अमीरात (UAE): एशिया कप 2025 के फाइनल में रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर और प्रशासक रमीज राजा ने सभी पक्षों से क्रिकेट को “शांति और समझदारी” का पल देने की अपील की है। यह मुकाबला दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होगा, जहां दोनों टीमें पिछले 15 दिनों में तीसरी बार आमने-सामने होंगी।

रमीज राजा ने अल जज़ीरा से बातचीत में कहा, “खिलाड़ियों, प्रशंसकों, क्रिकेट बोर्डों और सोशल मीडिया टिप्पणीकारों की ज़िम्मेदारी है कि वे इस खेल को उसकी शुद्धता में लौटाएं। भावनाएं अभी भी तीव्र हैं, और सभी को संयम बरतने की आवश्यकता है।” यह फाइनल खेल से इतर विवादों के कारण चर्चा में रहा है, जिसमें खिलाड़ियों के बीच बयानबाजी, इशारे, और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) में शिकायतें शामिल हैं।

विवादों की पृष्ठभूमि

फाइनल से पहले दोनों क्रिकेट बोर्डों—भारत के बीसीसीआई और पाकिस्तान के पीसीबी—ने एक-दूसरे के खिलाड़ियों के बयानों और इशारों पर आपत्ति जताई थी। भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव के 14 सितंबर को भारत की सात विकेट से जीत के बाद “ऑपरेशन सिंदूर” का ज़िक्र करने पर पीसीबी ने आपत्ति दर्ज की थी। यह एक सैन्य कार्रवाई का उल्लेख था, जिसे लेकर विवाद खड़ा हुआ।

वहीं, 21 सितंबर को सुपर फोर मुकाबले में पाकिस्तान के साहिबज़ादा फरहान और हारिस रऊफ के इशारों पर भी सवाल उठे। फरहान ने अपनी पहली अर्धशतकीय पारी के बाद बंदूक की नकल की, जबकि रऊफ ने भीड़ के उकसावे का जवाब विमान गिराने और छह की संख्या दिखाने वाले इशारे से दिया। इन घटनाओं के बाद आईसीसी ने दोनों पक्षों के खिलाड़ियों पर कार्रवाई की।

अल जज़ीरा के अनुसार, सूर्यकुमार और रऊफ पर उनकी मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया, जबकि फरहान को चेतावनी दी गई। आईसीसी ने इन कार्रवाइयों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने की ज़रूरत

रमीज राजा, जो पूर्व में पीसीबी के प्रमुख भी रह चुके हैं, का मानना है कि इन विवादों से खिलाड़ियों पर दबाव कम होगा और अब ध्यान खेल पर होना चाहिए। उन्होंने कहा, “खिलाड़ियों के लिए नियम स्पष्ट कर दिए गए हैं। अब हमें क्रिकेट की गुणवत्ता और प्रदर्शन पर बात करनी चाहिए।”

यह पहली बार है जब भारत और पाकिस्तान एशिया कप के फाइनल में भिड़ रहे हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज़ निलंबित हैं, जिसके कारण आईसीसी और क्षेत्रीय टूर्नामेंटों में इनके मुकाबले बेहद चर्चित होते हैं। रमीज ने खिलाड़ियों से अपील की कि वे मैदान पर राजनीतिक तनाव को हावी न होने दें। उन्होंने कहा, “खिलाड़ियों को राजनीतिक बयानबाजी में नहीं पड़ना चाहिए, क्योंकि यह क्रिकेट की मासूमियत को छीन लेता है।”

दोनों टीमों का रुख

पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने फाइनल से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में शांत रवैया अपनाते हुए भारतीय टीम या मीडिया से जुड़े उत्तेजक सवालों का जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने कहा, “हमारा ध्यान अच्छा क्रिकेट खेलने पर है।” दूसरी ओर, भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने भी कड़े मुकाबले की उम्मीद जताई।

भारत-पाकिस्तान मुकाबले का रोमांच

भारत इस टूर्नामेंट में अपराजित रहा है, जबकि पाकिस्तान को केवल भारत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है। दोनों टीमों के बीच पिछले सात अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत का दबदबा रहा है, और पाकिस्तान की आखिरी जीत सितंबर 2022 में थी। फिर भी, भारत-पाकिस्तान मुकाबला क्रिकेट की दुनिया में सबसे बड़ा आकर्षण बना हुआ है।

रमीज ने कहा, “यह मुकाबला केवल खिलाड़ियों के कौशल या खेल की गुणवत्ता के लिए नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव के कारण भी वैश्विक ध्यान खींचता है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि रविवार को होने वाला यह फाइनल क्रिकेट के मैदान पर एक नया ऐतिहासिक अध्याय लिखेगा, जहां खेल भावना सर्वोपरि होगी।

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