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Wednesday, February 25, 2026

ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर 5 सितंबर को शहर में भव्य जुलूस और जलसे का आयोजन

अलीगढ़: पैगंबर मुहम्मद साहब की यौम-ए-पैदाइश के पावन अवसर पर 5 सितंबर को ईद मिलादुन्नबी धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दिन शहर में भव्य जुलूस-ए-मुहम्मदी निकाला जाएगा, और ऊपरकोट में विशेष जलसा आयोजित होगा। इस जलसे में पैगंबर साहब के जीवन, उनके कृत्यों और उनके उच्च नैतिक मूल्यों पर प्रकाश डाला जाएगा। शहर की मस्जिदों और गलियों को रंग-बिरंगी झालरों और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। इसके अलावा, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) की मौलाना आजाद लाइब्रेरी में एक प्रदर्शनी का आयोजन भी होगा।

जुलूस का मार्ग और नेतृत्व

सुबह 8:30 बजे, खानकाह नियाजिया, सैयद कॉलोनी से डॉ. मोहम्मद अब्बास नियाजी के नेतृत्व में जुलूस-ए-मुहम्मदी शुरू होगा। यह जुलूस निजामी पुलिया, सर सैयद नगर, गोल्डन वाली गली, दोदपुर और मेडिकल रोड से होता हुआ वापस खानकाह नियाजिया पहुंचकर समाप्त होगा। इसके अतिरिक्त, जोहरा बाग स्थित मदरसा फैजान-ए-मुस्तफा से मौलाना सैयद जमाल अहमद की अगुवाई में एक अन्य जुलूस निकलेगा।

शहर के विभिन्न क्षेत्रों जैसे मस्जिद इरफान चिल्कौरा, निशात बाग मुस्तफा मस्जिद, रजा मस्जिद रजा नगर, मस्जिद या गरीब नवाज चिश्ती नगर, जाकिर नगर के मदरसा अरबिया अजहर उल उलूम, नगर की नूरी मस्जिद, एकता नगर मस्जिद, और अब्बास नगर के मदरसा लुत्फिया से भी जुलूस निकाले जाएंगे। दोपहर 2 बजे एएमयू के मुमताज हॉस्टल से स्ट्रेची हॉल तक एक विशेष जुलूस का आयोजन होगा।

अपर फ़ोर्ट यानी ऊपरकोट में रात्री जलसा और विद्वानों का संबोधन रात 9 बजे ऊपरकोट में जलसा-ए-सीरतुन्नबी का आयोजन होगा। इस अवसर पर अमरोहा की जामा मस्जिद के मुफ्ती रियासत अली, सहारनपुर के मुफ्ती मोहम्मद अखलाक कासमी और कारी मोहम्मद लियाकत जैसे प्रख्यात विद्वान उपस्थित रहकर लोगों को संबोधित करेंगे।

जुलूस में अनुशासन और सावधानी की अपील

मदरसा फैजान-ए-मुस्तफा के संचालक मौलाना सैयद जमाल अहमद ने जुलूस में शामिल होने वाले सभी लोगों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के आपत्तिजनक नारे नहीं लगाए जाएं, जिससे किसी की भावनाएं आहत हों। साथ ही, साउंड सिस्टम की आवाज को नियंत्रित रखने, जुलूस के शुरू और अंत में वॉलेंटियर्स की तैनाती करने, और किसी भी शरारती तत्व पर नजर रखने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि माइक का उपयोग केवल जिम्मेदार व्यक्तियों को ही दिया जाए।

ईद मिलादुन्नबी का उत्साह

शहर में इस पर्व को लेकर उत्साह चरम पर है। मस्जिदों और मोहल्लों में सजावट के साथ-साथ धार्मिक आयोजनों की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। यह आयोजन न केवल पैगंबर साहब के जीवन और शिक्षाओं को याद करने का अवसर है, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा देता है।

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